होर्मुज को लेकर अमेरिका-ईरान टकराव, ट्रंप के दावों पर विवाद

Sat 18-Apr-2026,01:15 PM IST +05:30

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होर्मुज को लेकर अमेरिका-ईरान टकराव, ट्रंप के दावों पर विवाद US-Iran-Tension-Strait-Of-Hormuz-Conflict
  • होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ा, ट्रंप के “खुला” दावे पर ईरान ने सख्त प्रतिक्रिया दी।

  • वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर की आशंका, कूटनीतिक समाधान तक स्थिति अनिश्चित, शिपिंग कंपनियां सुरक्षा गारंटी का इंतजार कर रही हैं।

Isfahan Province / Isfahan :

Hormuz US Iran Tension News/ होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इसे “खुला” बताए जाने के दावे और ईरान की सख्त शर्तों ने हालात को और जटिल बना दिया है। जहां एक ओर बातचीत की संभावनाएं जताई जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर दोनों देशों के बयानों में स्पष्ट टकराव दिखाई दे रहा है।

ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बगेर गालिबफ ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि क्षेत्र में अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी जारी रहती है, तो ईरान किसी भी समय होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से बंद कर सकता है। यह बयान ट्रंप के उस दावे के कुछ ही समय बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि यह रणनीतिक मार्ग दोबारा खोल दिया गया है।

गालिबफ ने स्पष्ट किया कि होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही ईरानी प्राधिकरणों द्वारा तय नियमों के अनुसार ही होगी। उन्होंने कहा कि केवल सोशल मीडिया या राजनीतिक बयानबाजी से वास्तविक स्थिति नहीं बदलती।

इससे पहले ईरान ने घोषणा की थी कि सीमित अवधि के लिए होर्मुज को केवल वाणिज्यिक जहाजों के लिए खोला गया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बताया कि यह अनुमति निर्धारित समुद्री मार्गों के तहत दी जा रही है, जबकि सैन्य जहाजों को इस दायरे से बाहर रखा गया है।

वहीं डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अंतिम समझौते तक अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी जारी रहेगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान ने समृद्ध यूरेनियम सौंप दिया है, जिसे ईरान ने सिरे से खारिज कर दिया है।

ईरानी नेतृत्व ने ट्रंप पर “एक घंटे में सात झूठे दावे” करने का आरोप लगाया है, जिससे दोनों देशों के बीच अविश्वास और बढ़ गया है।

विशेषज्ञों के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि दुनिया के करीब 20 प्रतिशत कच्चे तेल की सप्लाई इसी मार्ग से होती है। हालिया तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अस्थिरता देखी जा रही है और कई शिपिंग कंपनियां अभी भी सुरक्षा को लेकर सतर्क हैं।

कूटनीतिक हलकों का मानना है कि जब तक अमेरिका और ईरान के बीच कोई ठोस समझौता नहीं होता, तब तक इस क्षेत्र में तनाव और अनिश्चितता बनी रह सकती है।